Skip to content
रचना की शैली
रचना की शैली
  • लेखकों के लिए
  • लिखना शुरु करे
  • रचना की शैली के बारे में,
  • संपर्क सूत्र
  • सुझाव
Search
  • शायरी संग्रह
    • ग़ज़ल
    • क़ता
    • नज़्म
    • रुबाई
    • सजल
  • कविता संकलन
    • छंद मुक्त कविता
    • छंदबद्ध कविता
      • छंद
      • दोहा
      • मुक्तक
      • सवैया
  • कहानियाँ
    • कहानियां.
    • नाट्यशास्र
    • लेख
  • गीत
  • अध्यात्म
  • लिखना सीखे
    • ग़ज़ल कैसे लिखें
    • कविता कैसे लिखें
    • शायरी कैसे लिखें
    • मुक्तक कैसे लिखे
  • लेखक
    • डाॅo निशा पारिक
    • राज खयालिया
    • ©️संदीप कुमार तिवारी ‘श्रेयस’
    •  आशुतोष त्रिपाठी

साहित्य-सागर

रचना की शैली
रचना की शैली
  •  आशुतोष त्रिपाठी
  • error 404
  • Privacy Policy
  • रचना की शैली के बारे में,
  • लिखना शुरु करे
  • लेखकों के लिए
    • Disclaimer
  • संपर्क सूत्र
  • संपादकीय-अनुरोध
    • रचना की शैली
©️संदीप कुमार तिवारी 'श्रेयस', ग़ज़ल

हम ज़मी पे आ गए हैं आसमां सें आज हो कर।

  भूख से  सब  खा  रहे  हैं  आग  में  सूरज  डुबो  कर। हम ज़मी पे  आ  गए  हैं  आसमां  सें  […]

©️संदीप कुमार तिवारी 'श्रेयस', ग़ज़ल

तू मुझे फिर अजनबी लगने लगा।

जिस’का डर था बस वही लगने लगा। तू  मुझे  फिर  अजनबी  लगने  लगा।  हम अलग इतना  लगे रहने कि फिर,

©️संदीप कुमार तिवारी 'श्रेयस', ग़ज़ल

यही है सच तिरा हो भी नहीं सकता।

यही है सच तिरा  हो भी  नहीं  सकता। सितम है क्या तुझे खो भी नहीं सकता। किसी की याद अब

©️संदीप कुमार तिवारी 'श्रेयस', ग़ज़ल

नैन से नैन का ख़ुलासा है। 

नैन   से   नैन   का   ख़ुलासा   है।  सब पता  चल गया  तू प्यासा  है। एक दिन  साफ़  सब  हो  जाएगा, जिस्म 

©️संदीप कुमार तिवारी 'श्रेयस', ग़ज़ल

चैन दिल के लूट के तू यार भी चली गई।

  प्यार  के  ख़ुमार  की  पुकार  भी  चली  गई। चैन दिल के लूट  के  तू  यार  भी  चली  गई।  

©️संदीप कुमार तिवारी 'श्रेयस', ग़ज़ल

ग़ज़ल

  मत पूछ  दूर  मुझ  से  हो  के  किधर  गया  है।   मत पूछ  दूर  मुझ  से  हो  के  किधर 

©️संदीप कुमार तिवारी 'श्रेयस', छंद मुक्त कविता

तुम जैसे यार हज़ारों हैं

  ओ कलि कुसुम के भँवरे! क्यूँ भूल गया तू एक नहीं? तू जिस फूल पे है उस पर निश्चित

©️संदीप कुमार तिवारी 'श्रेयस', ग़ज़ल

वफ़ा की लगी दूर जाती नहीं।

हँसाती     नहीं    भी     रुलाती   नहीं। वफ़ा   की    लगी   दूर    जाती   नहीं। मेरे   यार   किस्सा   ये 

Post pagination
← Previous 1 … 4 5
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • account

Copyright © 2025 रचना की शैली | 

 

लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुर्नप्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं। सर्वाधिकार सुरक्षित। रचना की शैली में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और रचना की शैली टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।
आप अपने सुझाव हमे हमारे मेल rachnashaili@gmail.com पे भेज सकते हैं।