डाॅo निशा पारिक, मुक्तक

मुक्तक

छल  माया  अविचल  प्रबल, गरल  नेह संसार।सहज सत्य परब्रह्म सुख,भज मन तू निर्विकार।। छल  माया  अविचल  प्रबल, गरल  नेह  संसार।सहज