सजल

आसमाँ से कोई ज़मीं निकले।

आसमाँ    से   कोई   ज़मीं   निकले।शब्ज़ आँखों से  फिर  नमी  निकले। जुगनुओं   को   मैं   याद   करता  हूँ,जब   चराग़ों    से 

कहानियां.

परमार्थ

आप दूसरे की मदद तभी कर सकते हैं जब आपके अंदर परमार्थ की भावना जन्म ले,मेरे खयाल में परमार्थ करना

कहानियां.

नगमा ए जिंदगी

  पार्वती की घनिष्ठ मित्र मीनाक्षी ने एक दिन उनसे कहा,पारो!चलो…एक साहित्यिक गोष्ठी में चलते हैं,तुम्हारा मन बदल जाएगा। बच्चे